240+ Zindagi Se Pareshan Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari


Zindagi Se Pareshan Shayari : कविता मानवीय भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने का एक शाश्वत माध्यम रही है। शायरी के विभिन्न रूपों में, शायरी लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखती है, खासकर भारत में। यह आत्मा के सबसे गहरे कोनों को छूते हुए, शब्दों और भावनाओं को खूबसूरती से एक साथ जोड़ता है। एक ऐसी शैली जो जीवन की चुनौतियों का सामना करने वाले व्यक्तियों के साथ गहराई से जुड़ती है वह है Zindagi Se Pareshan Shayari इस लेख में, हम इस काव्यात्मक अभिव्यक्ति के गहरे प्रभाव, भारतीय संस्कृति में इसके महत्व और सीमाओं के पार लोगों को जोड़ने की इसकी शक्ति का पता लगाएंगे।

Why “Zindagi Se Pareshan Shayari” is Relevant

जीवन चुनौतियों और अनिश्चितताओं का एक रोलरकोस्टर हो सकता है, जिससे लोग अभिभूत और व्यथित महसूस कर रहे हैं। Zindagi Se Pareshan Shayari ऐसी भावनाओं के लिए एक आउटलेट प्रदान करती है, जिससे व्यक्तियों को साझा अनुभवों में सांत्वना मिल सकती है। यह एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि वे अपने संघर्षों में अकेले नहीं हैं और दूसरों को भी इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
सरे-आम मुझे ये शिकायत है ज़िन्दगी से,
क्यूँ मिलता नहीं मिजाज़ मेरा किसी से।
आराम से तन्हा कट रही थी तो अच्छी थी,
ज़िन्दगी तू कहाँ दिल की बातों में आ गयी।
ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं ऐ ज़िन्दगी तुझसे,
बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो।
ऐ ज़िन्दगी जा ढूढ़ कोई गुम गया है मुझ से,
अगर वो ना मिला तो तेरी भी जरुरत नही।
मैंने जिन्दगी से पूछा.. सबको इतना दर्द क्यों देती हो? जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया,
मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हूँ, पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है।

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
रास्ते ज़िन्दगी के बहुत ही हसीन हैं,
सभी को किसी न किसी की तालाश है,
किसी के पास मंज़िल है तो राह नहीं,
और किसी के पास राह है तो मंज़िल नहीं।
जब दिल किसी बोझ से थक जाता है,
एहसास की लौ और भी बढ़ जाती है,
मैं बढ़ता हूँ ज़िन्दगी की तरफ लेकिन,
ज़ंजीर सी पाँव में खनक जाती है।
ज़िंदगी की दौड़ मे कच्चा रह गया,
नही सीखा फ़रेब बच्चा रह गया।
ज़रूरी तो नहीं के शायरी वो ही करे जो इश्क में हो,
ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है।
जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है,
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
ज़िन्दगी आज फिर खफा है हमसे,
जाने दो न दोस्तो, कहाँ पहेली दफा है।
कुछ दोस्त कमाओ थोड़ा प्यार खर्च करो,
ज़िन्दगी में हिसाब कुछ इस तरह से करो।
ए-ज़िन्दगी, इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया,
चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आया।
इंसान को बोलना सिखने में २ साल लग जाते है लेकिन कौन
सा लफ्ज़ कहाँ बोलना है ये सिखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है
ज़िन्दगी की किताब में इतनी गलतियाँ ना करो के
पैन्सील से पहले रबड़ खत्म हो जाये
और तौबा करने से पहले ज़िन्दगी खत्म हो जाये

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
वक़्त के एक तमाचे की देर है साहेब
मेरी फकीरी भी किया तेरी अमेरि भी किया
कैनात की सब से महंगी चीज़ अहेसास है
जो दुनिया का हर इंसान के पास नहीं होती
कोई न कोई कही न कही अपनी ज़िन्दगी के लिए लड़
रहा है और ये ज़िन्दगी तुम्हारे पास मौजोद है तो इस
ज़िन्दगी को किसी अच्छे और किसी के काम आने में लगा दो
समझ ना आया ज़िन्दगी ये तेरा फैसला एक
तरफ टगो कहती है सब्र का फल मिठाई होता है
और दूसरी तरफ तो कहती है वक़्त किसी का इंतज़ार नहीं करता
ज़िन्दगी का अपना रंग है दुःख वाली रात सोया
नही जाता और ख़ुशी वाली रात सुने नहीं देती

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
मैंने ज़िन्दगी में एक ही बात सीखी है के इंसान
को कोई चीज़ हरा नहीं सकती जब तक वो खुद हार ना मान ले
ज़िन्दगी में जो चाहे हासिल करलो बस इतना
ख्याल रखना के आपकी मंजिल का रास्ता कभी
लोगो के दिलों को तोड़ता हुवा न गुज़रे
लोगो से सुना है मोहब्बत आँखों से शुरू होती है वो
लोग भी दिल तोड़ जाते है जो पल्खें तक नहीं उठाते
सब को प्यारी है ज़िन्दगी लेकिन तुम
मुझे ज़िन्दगी से भी प्यारे लगते हो
सुलगती ज़िन्दगी से मौत आ जाये तो बहतर है
हम से दिल के अरमानो का अब मातम नहीं होता

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
कुछ बातों का जवाब सिर्फ ख़ामोशी होती है और
यकीन मनो ये बहुत खुबसूरत जवाब होता है
कभी किसी के सामने इतना मत झुको के
वो आप को तोड़ दे और कभी किसी के
सामने इतना मत आकड़ो के खुद टूट जाओ
बदल जाती है ज़िन्दगी की सच्चाई ऊस वक़्त
जब कोई तुम्हारा तुम्हारे सामने तुम्हारा नहीं होता
मोहब्बत को जी निभाते है उनको मेरे सलाम
और जो छोड़ जाते है बिच रस्ते में उनको मेरा
पैगाम वादे-ए-वफ़ा करो तो फिर फना करो वरना
खुदा लिए किसी की ज़िन्दगी को बर्बाद मत करो
ये ज़िन्दगी दो दिन की है एक दिन तुम्हारे हक में
और दुसरे दिन तुम्हारे मुखालिफ में जिस दिन हक
में हो उस दिन गुरुर मत करना और जिस दिन
तुम्हारे मुखालिफ हो उस दिन सब्र करना

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
ज़िन्दगी हर हाल में एक मुकाम माँगती है,
किसी का नाम तो किसी से ईमान माँगती है,
बड़ी हिफाजत से रखना पड़ता है दोस्त इसे,
रूठ जाए तो मौत का सामान माँगती हैं।
दुनिया में सैकड़ों दर्दमंद मिलते हैं,
पर काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत का वक़्त आता है,
सब के दरवाजे बंद मिलते हैं।
जीत भी मेरी और हार भी मेरी,
तलवार भी मेरी और धार भी मेरी,
ज़िन्दगी ये मेरी कुछ यूं सवार है मुझ पर,
डूबी भी मेरी और पार भी मेरी।
आंखें आंसुओं को नहीं जानतीं दिल को दर्द नहीं होता कितना
हसीन था जीवन का सफर अगर हम कभी एक साथ जुदा नहीं हुए
जीवन सुंदर प्रेम जीवन है हाँ रात सुबह का इंतज़ार वो पल भी आएगा,
जिस पल का आप इंतजार कर रहे हैं बस प्रभु पर भरोसा रखें और समय पर प्रतीक्षा करें!

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
उन चरणों को पहले से जान लें ऐ
जिंदगी हम आपको दूर से ही पहचानते हैं।
कुछ ऐसा सिलसिला भी चला जीवन के
साथ लिंक मिले जो उनकी चेन बन गए!
तुझमे छिपे हैं मेरी ज़िन्दगी के हजारों राज तुझे
वास्ता ज़िन्दगी का ज़रा खुद का ख्याल रख!
जीवन का कोई और पैमाना
तय करें जीवन सिर्फ जीना नहीं है!
मैं ने थोड़ी मस्ती और थोड़े से विश्वास को बचा लिया है क्या कम है
मैं अपनी पहचान बचा पाया कुछ उम्मीदें, कुछ सपने,
कुछ मीठी यादें बस इतना ही मैं अपने जीवन यापन के लिए बचा सका हूं।

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
जब भी आपको खाली समय मिले, तो प्रतिद्वंद्विता को
भूल जाइए कौन जानता है कि सांस का समय कितना दूर है?
एक और ईंट दीवार से गिरी, जीवनदानी
नादान कह रहा है नया साल मुबारक!
अजीब शहर का जीवन न यात्रा है न समय कहीं
व्यापार दोपहर कहीं न कहीं यह एक बुरी शाम है!
कदम-कदम पे नया इम्तिहान रखती है,
ज़िन्दगी तू भी मेरा कितना ध्यान रखती है।
समझ जाता हूँ मीठे लफ़्ज़ों में छुपे फरेब को,
ज़िन्दगी तुझे समझने लगा हूँ आहिस्ता आहिस्ता।

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
शायद यही ज़िंदगी का इम्तिहान होता है,
हर एक शख्स किसी का गुलाम होता है,
कोई ढूढ़ता है ज़िंदगी भर मंज़िलों को,
कोई पाकर मंज़िलों को भी बेमुकाम होता है।
जिस दिन किताब-ए-इश्क की तक्मील हो गई,
रख देंगे ज़िन्दगी तेरा… बस्ता उठा के हम।
ज़िन्दगी जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने,
हम तो नाकाम ही रहे चाहने वालों की तरह।
मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो,
कई अपने मेरे बदल गये अब तो,
करते थे बात आँधियों में साथ देने की हवा चली और सब मुकर गये अब तो।
चाहा है तुझको तेरे तगाफुल के बावजूद,
ऐ ज़िन्दगी तू भी याद करेगी कभी हमें।

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
सफर ज़िन्दगी का बहुत ही हसीन है,
सभी को किसी न किसी की तालाश है,
किसी के पास मंज़िल है तो राह नहीं,
और किसी के पास राह है तो मंज़िल नहीं।
अगर तुमसे कोई पूछे बताओ जिंदगी क्या है,
हथेली पर जरा सी ख़ाक रखना और उड़ा देना।
कभी बनती थी तो कभी बिगड़ कर बैठ जाती थी,
तेरे साथ जैसी भी थी जिंदगी जिंदगी जैसी तो थी।
धूप में निकलो, घटाओं में नहाकर देखो,
ज़िन्दगी क्या है किताबों को हटाकर देखो।
क्या बेचकर हम खरीदें फुर्सत… ऐ जिंदगी,
सब कुछ तो गिरवी पड़ा है जिम्मेदारी के बाजार में।

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
जब रूह किसी बोझ से थक जाती है, एहसास की लौ और भी बढ़ जाती है,
मैं बढ़ता हूँ ज़िन्दगी की तरफ लेकिन, ज़ंजीर सी पाँव में छनक जाती है।
कल न हम होंगे न कोई गिला होगा, सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिललिसा होगा,
जो लम्हे हैं चलो हँसकर बिता लें, जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा।
मौत से कैसा डर… मिनटों का खेल है,
आफत तो जिंदगी है बरसों चला करती है।
चूम लेता हूँ हर मुश्किल को अपना मान कर मैं,
क्यूँकि ज़िन्दगी कैसी भी है… है तो मेरी ही।
कभी धूप दे… कभी बदलियाँ,
दिलो जान से दोनों क़बूल हैं,
मगर उस नगर में न कैद कर,
जहाँ जिंदगी की हवा न हो।

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है
कोई जी लेता है जिंदगी किसी की कट जाती है।
लोग डूबते हैं तो समंदर को दोष देते हैं,
मंजिल न मिले तो मुकद्दर को दोष देते हैं,
खुद तो संभल कर चल नहीं सकते,
जब ठेस लगती है तो पत्थर को दोष देते हैं।
मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया
जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया।
इस उम्र में मेरे लिए बदनाम मुझे बताएं कि
आपके सुनने में कौन सी कहानी आई है।
यह बात छोड़कर मुझे घाव कहां से मिले?
बताओ कितना सफर बाकी है।

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
उस पल को जीओ जो तुम्हारे साथ है पूरी
तरह से यह कमबख्त जीवन अविश्वसनीय है!
जिंदगी किसी के बिना नहीं रुकती बस
उस इंसान की जगह हमेशा खाली रहती है!
यह ज़िन्दगी बस सिर्फ पल दो पल है जिसमें न तो
आज और न ही कल है जी लो इस ज़िंदगी का हर पल इस
तरह जैसे बस यही ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है!
ने जीवन को इतने करीब से
देखा हैचेहरे अब अजीब लगने लगे हैं।
रास्ता नैनो में था, गांव दिल में था
नहीं हुआ सारा सफर, छननी पड़ी पांव!

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
आग से न जलने से डरता है सपने से ना टूटने का डर
पर तुमसे सबसे ज्यादा डरता हूँ आप हमें मत भूलना।
कभी ख़िरद कभी दीवानगी ने लूट लिया,
तरह तरह से हमें ज़िंदगी ने लूट लिया।
ख़्वाबों पर इख़्तियार न यादों पे ज़ोर है
कब ज़िंदगी गुज़ारी है अपने हिसाब में।
कभी खोले तो कभी ज़ुल्फ़ को बिखराए है,
ज़िंदगी शाम है और शाम ढली जाए है।
कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा,
होता रहता है यूँ ही क़र्ज़ बराबर मेरा।

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

Zindagi Se Pareshan Shayari
कभी ख़िरद कभी दीवानगी ने लूट लिया,
तरह तरह से हमें ज़िंदगी ने लूट लिया।
हजारों उलझनें राहों में और कोशिशें बेहिसाब,
इसी का नाम है ज़िन्दगी चलते रहिये जनाब।
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो,
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो।
किस तरह जमा करें अब अपने आप को,
काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के।

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया,
तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा।
कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं,
यूँ देखती है… जैसे मुझे जानती ही नहीं।
लेकर आयी है किस मक़ाम पे ये ज़िंदगी मुझे,
महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे।
जिंदगी बहुत खूबसूरत है, जिंदगी से प्यार करो,
अगर हो रात तो, सुबह का इंतजार करो,
वो पल भी आएगा जिसका तुझे इंतेज़ार है,
बस उस खुदा पर भरोसा और वक्त पर ऐतवार करो।
जिंदगी में जीत और हार है किसके लिए,
एक दूसरे में इतनी तकरार है किसके लिए,
जो आया है इस दुनिया मे एक दिन वो जाएगा,
ए इंसा तो तुझे इतना गुमान है किसके लिए।

Zindagi Se Pareshan Shayari – Pareshan Zindagi Shayari

Zindagi Se Pareshan Shayari
ज़िन्दगी में जब आप सही होतें हैं तो इसे कोई याद नही रखता
, और जिंदगी में जब आप गलत हो जाते है तो इसे कोई नही भूलता।
प्यार में किसी को खोना भी ज़िन्दगी हैं,
ज़िन्दगी में गमो का होना भी ज़िन्दगी है.
यूँ तो रहती हैं होठों पर मुस्कराहट,
पर चुपके से किसी के लिए रोना भी ज़िन्दगी है।
ए ज़िन्दगी तू मुझे उड़ना सिखा दे,
मुझे हालातों से लड़ना सिखा दे,
हर हाल में खुश रहना सिखा दे,
और हर हार से तू मुझे जीतना सिखा दे।
ज़िन्दगी… बहुत खूबसूरत है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है,
लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है,
ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
जिंदगी में छांव है तो कभी धूप है,
ऐ जिंदगी न जाने तेरे कितने रूप हैं,
जिंदगी में हालात जो भी हों,
लेकिन जिंदगी में मुस्कुराना नही भूला करते हैं।

Pareshan Zindagi Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

इस दुनिया में कोई खुशियों की चाह में रोता है,
कोई गमो की पनाह में रोता है,
अजीब ज़िन्दगी का सिलसिला है,
कोई भरोसे के लिए रोता है,
कोई भरोसा करके रोता है।
जीवन से पूछो कि वह क्या चाहता है बस एक आपका
उपकार चाहता है कितना मासूम और मासूम है ये
वह खुद के प्रति बेवफा है और वफादारी चाहता है।
लोग मेरे जीवन का उद्देश्य पूछते हैं!
सुनिये हम जैसे लोग बेवजह जीते है !!
होना क्या है ज़िन्दगी को
भुगत रहा हूँ ज़िन्दगी के बिना
हे परमेश्वर, मुझे उनके साथ रहने का अवसर
दो मरने के बाद भी हम आपके साथ रहेंगे।
यह सोचकर मैंने अपनी हंसी छोड़ दी कि कुछ खुशियों पर मेरा नाम भी हो
यह मेरी तरह एक यात्रा है जो जानता है कि कब मेरी यात्रा की आखिरी शाम हो!
मेरी जिंदगी ऐसे खेल रही है शतरंज कभी
तेरा प्यार मेरी किस्मत को कभी हरा देता है।

Zindagi Se Pareshan Shayari – जिंदगी से परेशान शायरी

1 thought on “240+ Zindagi Se Pareshan Shayari”

Leave a Comment